Wednesday, 19 October 2016

RFF in Blockbuster Magazine

ब्लॉकबस्टर पत्रिका में सम्पादित राजस्थान फिल्म फेस्टिवल २०१४ अवार्ड सेरेमनी की झलकियों में इम्प्पा अध्यक्ष टी.पी. अग्रवाल डीप प्रोज्वलित करते हुए |





Tuesday, 18 October 2016

Rajasthan Film Festival 2014 Clips

फिल्म प्रमोशन पत्रिका में सम्पादित राजस्थान फिल्म फेस्टिवल २०१४ अवार्ड सेरेमनी की झलकियों में तिमप्पा अध्यक्ष टी.पी. अग्रवाल और फिल्म जानकारी संपादक कोमल नाहटा 20 सितम्बर को जयपुर में राजस्थान फिल्म समारोह पुरस्कार नाईट पर एक दूसरे को गले लगाओ।






Wednesday, 24 August 2016

Lifetime Achievement Award - Mohan Katariya

इस बार राजस्थानफिल्म फेस्टिवल में राजस्थानी सिनेमा की बेहतरी के लिया गये कार्यो और राजस्थानी सिनेमा में अभूतपूर्व योगदान के लिया निर्माता,निर्देशक एव अभिनेता श्री मोहन कटारिया को सुभाष घई के हाथो लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया।




मोहन कटारिया विगत तीन दर्शक से राजस्थानी हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय है। अब तक के फ़िल्मी सफर में वे तक़रीबन तीन दर्जन से भी अधिक फिल्में और सीरियल कर चुके है। इनकी प्रमुख राजस्र्थानी फ़िल्मी में बेटी राजस्थानी री,डिग्गीपुरी का राजा,धरती रो धणी, जय करती माता आदि है। इनका आलावा जय श्री श्याम,अपनापन,रिश्ते,सतरंगी लहरियो,तीस मर खां जैसे सीरियल में भी इन्होंने अपने अभिनय की छाप छोड़ी है। हाल ही में आई फिल्म डर्टी पॉलिटिक्स में भी इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभा कर अपने अभिनय की सक्रियता का सबूत दिया है। 

Monday, 8 August 2016

From Rajyavardhan Singh Rathore Desk

राजस्थान फिल्म फेस्टिवल राजस्थानी सिनेमा के लिए सार्थक कदम - राज्यवर्धन  सिंह  राठौर


राजस्थान फिल्म फेस्टिवल २०१५ की अध्य्क्षता सूचना एव प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन  सिंह  राठौर ने की। इस मौके पर उन्होंने खा की यह समारोह राजस्थानी सिनेमा के लिए एक सार्थक कदम है क्योंकि इससे कलाकारों को मंच मिलता है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा की बेशक हमारे यहां छोटे बजट की फिल्में बनतीं  है लेकिन कहानी को सही तरीके से प्रस्तुत किया जाये तो वे भी पूरी दुनिया में अपना परचम लहरा सकती है। सिनेमा के लिए भाषा कतई बाधा; नहीं है। सिनेमा केवल प्रस्तुतिकरण मांगता है अगर वो अच्छा है तो छोटी बात को भी बड़ा होने में वक़्त नए लगता।  राजस्थान ऐसी धरती है जहाँ घर-घर में कहानियां है, उन्हें लेकर अगर फिल्में बनाई जाये तो वे निश्चित्त  रूप  से विश्वभर में कमाल कर सकती है।

मंत्री होने के नाते उन्होंने ये भी कहा की मैं  दूरदर्शन से व्यक्तिगत रूप से गुजारिश करूँगा कि सप्ताह में कम से कम एक दिन राजस्थानी फिल्म का प्रसारण किया जाये और आप भी सरकार को राजस्थानी सिनेमा की बेहतरी के लिया सुझाव दें। आखिर में उन्होंने सभी को शुभकामनाएँ दी।


Friday, 22 July 2016

Subhash Ghai

नई सोच नई दिशा एक सार्थक अवधारणा - सुभाष घई

राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के इतिहास में पहली बार हुआ है की सुभाष घई समारोह के मुख्य अतिथि बने। उन्होंने बड़ी खुशी महसूस करते हुए राजस्थान फिल्म फेस्टिवल की अवधारणा नई सोच नई दिशा को सार्थक बताया और कहा की अगर कोई नई सोच और नई दिशा के साथ चलता है तो उसकी आधी मुश्किलें तो वैसे ही आसान हो जाती है।

साथ ही उन्होंने ये भी कहा राजस्थान कला, साहित्य और संस्कृति का भंडार है, हमें हमारे कल्चर को प्रमोट करते हुए फिल्मो का निर्माण करना चाहिये, हमे किसी और का अनुसरण न करते हुए स्वंयं के साहित्य और संस्कृति का अनुसरण करना चाहिए।  उन्होंने बताया की सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं है सिनेमा अपनी कला एव संस्कृति को हर जगह पहुँचाने का सबसे बड़ा माध्यम है अगर हमें अपने सिनेमा को उठाना है तो केवल सरकार के भरोसे बैठना उचित नहीं है, हमें स्वयं को प्रयास करने होगें तभी राजस्थानी सिनेमा आगे बढेगा।


Tuesday, 12 July 2016

Rajasthani Cinema At Jaipur Bagh 2015

जयपुर बाग में सतरंगी हुआ राजस्थानी सिनेमा

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समारोह के मुख्य अतिथि बने बॉलीवुड के शोमैन कहे जाने वाले सुभाष घई और समारोह की अध्यक्षता की सुचना एव प्रसारण मंत्री राज्‍यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने।
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राजस्थानी भाषा, कला, संस्कृति, एवं राजस्थानी सिनेमा के कलाकारों को सम्मान प्रदान के लिए हर साल की भांति इस बार भी जयपुर बाग़, वैशाली नगर मे २६ सितम्बर २०१५ को कंचन कैसेट्स और सिनेक्स विज़न द्वरा  राजस्थान फिल्म फेस्टिवल तृत्य अवार्ड सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस समारोह के मुख्या   अतिथि थे बॉलीवुड के जाने माने निर्माता-निर्देशक शोमैन सुभाष घई और समारोह अध्यक्षता की सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने। इनके  साथ- साथ समारोह मे अनूप सोनी, अरुण बक्शी, कोमल नाहटास्वरुप खान,अमृता प्रकाश,निर्भय वाधवा,राहुल शर्मा,अनिरुद्ध दवे जैसा बॉलीवुड और टेलीविज़न की कई हस्तियां और कलाकार उपस्थित थे।

इस दौरान सुभाष घई ने समरह की अवधारणा "नई सोच नई दिशा" की तारीफ तारीफ करता हुए कहा   की  किसी भी सिनेमा मे वहाँ के समाज का गहरा प्रभाव रहता है। समारोह मे रजदयवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि यह फेस्टिवल राजस्थानी सिनेमा के लिए सार्थक  कदम है और वे राजस्थानी सिनेमा को दूरदर्शन पर दिखाने के लिए व्यक्तिगत रूप आग्रह करेंगे कि सप्ताह में कम से कम एक बार राजस्थानी फिल्म का प्रदर्शन किया जाये।


इस समारहो को बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता अनूप सोनी, आर.जे.मोहित  और अरुण बख्शी ने होस्ट करके सभी दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया, साथ ही मीणा नाहटा, रविन्द्र उपाध्याय, कबीर और नितिन ने भी भरपूर सहयोग किया। समारहो के बीच होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक रंगो ने दर्शकों का मन मोह लिया और धनराज दाधीच के लिखे, विक्रम सिंह के संगीत बद्ध किये तथा रवीन्द्र उपाध्याय व बुन्दू खान द्वारा गाये राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के थीम सॉंग ' मेरी जान तेरी शान ' ने पुरे माहोल को राजस्थानी रंग में रंग दिया। इस समारहो में लगभग ५००० लोगों की उपस्थिति  के बीच राजस्थानी सिनेमा के कलाकारों को सिनेमा की २५ श्रेणियों में सम्मानित किया गया।  इसके साथ ही राजस्थानी सिनेमा की बेहतरी के लिए प्रयास करने वाले कई निर्माता, निर्देशकों व अन्य कलाकारों को समृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा अवॉर्ड सेरेमनी को इ. टी.वी. राजस्थान पर प्रसारित किया गया। इस समारहो में निर्णायक के रूप में श्रीमान विश्व मोहन भटट, निर्देशक विक्की राणावत और कैमरे मैन एस. पप्पू अपनी बखूबी भूमिका निभाई।